जिला मुख्यालय बालोद तानदुला (आदमाबाद) डैम के समीप है, जो सूखा एवं तानदूला नदी पर 1912 में विक्सित किया गया था । बालोद शहर 20.73 डिग्री उत्तर एवं 80.2 डिग्री पूर्व पर स्थित है।
बालोद शहर समूद्र तल की औसतन 324 मीटर (1063 फीट) उँचाई पर है । जिला बालोद का कुल रकबा 352700 हेकटर है । जिला बालोद वन, जल एवं खनिज संसाधन जैसे प्राकृतिक सम्पदा से सम्पन्न है।
जिला बालोद धान, चना, गन्ना एवं गेहूं जैसे उपज के लिए जाना जाता है। जिला बालोद कृषि उत्पाद के क्षेत्र में असीम सामर्थ्य रखता है । जिले के तानदुला, खरखरा एवं गोँदली डैम कृषि कार्य में सिंचाई के श्रोत है ।
Balod District बालोद जिला इतिहास Itihas
बालोद नए जिलों में से एक था जो 2012 में बना और छत्तीसगढ़ का 27 वां जिला बना.
बालोद जिला 1 जनवरी 2012 को अस्तित्व में आया
1 जनवरी 2012 को इसे सिविल डिस्ट्रिक्ट के रूप में अधिसूचित किया गया था, हालांकि राजस्व जिले को 10 जनवरी 2012 से घोषित किया गया था बनने से पहले, यह दुर्ग जिले का हिस्सा था.
वर्तमान में बालोद में एक कॉलेज, एक अदालत, एक सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र), और एक जेल है.
बालोद जिला भारत के छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में एक है। बालोद रायपुर मण्डल का जिला है और इसका मुख्यालय बालोद है।[1]
बालोद जिले का क्षेत्रफल 3,527 वर्ग किलोमीटर है, और २०११ की जनगणना के अनुसार बालोद की जनसँख्या 826,165 और जनसँख्या घनत्व 230 /km2 व्यक्ति [प्रति वर्ग किलोमीटर] है,
बालोद की साक्षरता 74.16% है, महिला पुरुष अनुपात यहाँ पर 1022 महिलाये प्रति १००० पुरुषो पर है, जिले की जनसँख्या विकासदर २००१ से २०११ के बीच 1.9% रहा है।
बालोद भारत में कहाँ पर है Where is Balod located in India
बालोद जिला भारत के राज्यो में दक्षिण पूर्व की तरफ की अंदर की तरफ स्थित छत्तीसगढ़ राज्य में है, बालोद जिला छत्तीसगढ़ के आंतरिक दक्षिणी भाग का जिला है
बालोद 22 ° 73’25 ” उत्तर अक्षांश और 81 ° 02’40 पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है, बालोद की समुद्रतल से ऊंचाई 324 मीटर है, बालोद रायपुर से 99 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम की तरफ है और देश की राजधानी दिल्ली से 1255 किलोमीटर दक्षिण पूर्व की तरफ ही है।
बालोद के पडोसी जिले Neighboring districts of Balod
बालोद के उत्तर में दुर्ग जिला है, उत्तर पूर्व के कुछ भाग में दुर्ग है, इसके बाद दक्षिण पूर्व तक धमतरी जिला है, दक्षिण में कांकेर जिला है, दक्षिण पश्चिम से उत्तर पश्चिम तक राजनांदगाव जिला है।
खारुन नदी Kharun River
खारुन नदी शिवनाथ नदी की प्रमुख सहायक नदी है। यह शिवनाथ नदी में मिलकर महानदी की संपन्न जलराशि में भी अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करती है।
बालोद जिले के संजारी क्षेत्र से निकलने वाली यह नहीं राजधानी रायपुर की सीमा से बहती हुई सिमगा के सोमनाथ के पास शिवनाथ नदी में मिल जाती है।
इसी जगह पर यह बेमेतरा और बलौदाबाजार तहसील को अलग करती है। बलौदाबाजार के उत्तर में अरपा नदी, जो बिलासपुर जिले से निकलती है, शिवनाथ से आ मिलती है।
हावड़ा नागपुर रेल लाइन इस खारुन नदी के ऊपर से गुजरती है। खारुन में एक शान्ति है जो देखने वालों को अपनी ओर खींचती हैं।
बालोद जिले का गठन 1 जनवरी 2012 को किया गया था। यह पहले दुर्ग जिले का हिस्सा था। बालोद शहर तंदुला (आदमाबाद) डैम के समीप है, जिसका निर्माण सूखा एवं तानदूला नदी पर 1912 में किया गया था।
सिंचाई परियोजना : Irrigation Project :
तानदुला, खरखरा एवं गोँदली डैम।
पर्यटन स्थल: Tourist Spots:
गंगा मैया मंदिर : यह मंदिर बालोद तहसील में बालोद-दुर्ग रोड के पास झलमला में स्थित है।
सियादेवी मंदिर : यह मंदिर गरूर-धमतरी मार्ग पर स्थिर गांव सांकरा से करीब 6 किलोमीटर की दुरी पर नारागांव में स्थित है। यहाँ एक प्राकृतिक झरना भी है जिसे सियादेवी झरना कहते है।
तान्दुला बाँध : यह बाँध बालोद से 5 किमी की दूरी पर स्थित है।
बालोद शहर तान्दुला नदी के तट पर बसा है, जो आधिकारिक रूप से 1 जनवरी 2012 से जिला मुख्यालय का दर्जा प्राप्त कर चुका है। बालोद शहर की धमतरी तथा दूर्ग से दूरी 44 तथा 58 किलोमिटर है।
जिला मुख्यालय बालोद तानदुला (आदमाबाद) डैम के समीप है, जो सूखा एवं तानदूला नदी पर 1912 में विक्सित किया गया था।
बालोद शहर 20.73 डिग्री उत्तर एवं 80.2 डिग्री पूर्व पर स्थित है। बालोद शहर समूद्र तल की औसतन 324 मीटर (1063 फीट) उँचाई पर है। जिला बालोद का कुल रकबा 352700 हेकटर है।
जिला बालोद वन, जल एवं खनिज संसाधन जैसे प्राकृतिक सम्पदा से सम्पन्न है। जिला बालोद धान, चना, गन्ना एवं गेहूं जैसे उपज के लिए जाना जाता है।
जिला बालोद कृषि उत्पाद के क्षेत्र में असीम सामर्थ्य रखता है। जिले के तानदुला, खरखरा एवं गौदली डैम कृषि कार्य में सिंचाई के श्रोत है।
बालोद जिला के ब्लॉक और तहसील:- Block And Tehshil
1.बालोद
2.गुण्डरदेही
3.डौण्डीलोहारा
4.गुरूर
5.डौण्डी
बालोद जिला के नगरपालिका परिषद् एवं नगर पंचायत
[1] बालोद [1] चिखलाकसा
[2] दल्ली राजहरा [2] डौंडी
[3] डौंडी लोहरा
[4] गुरुर
[5] अर्जुन्दा
[6] गुंडरदेही
बालोद जिला की जनसंख्या Balod District Population
1.2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या की जनसंख्या निम्नानुसार विस्तृत है- कुल 8,26,165, पुरुष 4,08,638 और महिला 4,17,527
2.जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कुल 68,431 और 2,59,043 क्रमशः हैं।
3.जनसंख्या घनत्व 234 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जनसंख्या वृद्धि प्रति वर्ष लगभग 1.9% है।
4.प्रति हजार पुरुष प्रति 1022 महिलाएं जिले में हैं।
बालोद जिला का क्षेत्रफल बालोद जिला का क्षेत्रफल Area of Balod District
कुल जिला क्षेत्र- 3,52,700 हेक्टेयर
वन क्षेत्र-74,911 हेक्टेयर
भूमि रिकॉर्ड क्षेत्र- 2,77,789 हेक्टेयर
बालोद तहसील क्षेत्र-29,163 हेक्टेयर
गुरूर तहसील क्षेत्र- 40,214 हेक्टेयर
गुंडरदेही तहसील क्षेत्र- 68,070 हेक्टेयर
डौंडी लोहारा तहसील क्षेत्र- हेक्टेयर
डौंडी तहसील क्षेत्र-52,099 हेक्टेयर
बालोद में घूमने की जगह। Places to visit in Balod
आज विश्व पर्यटन दिवस पर हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बता रहे हैं जो अपनी खूबसूरती से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।
बालोद जिले में भी कई पर्यटन स्थल हैं। कुछ अनजान हैं, तो कुछ मशहूर। लेकिन इन जगहों की प्राकृतिक खूबसूरती लोगों का मन मोह लेती है।
ओनाकोना का त्रयंबकेश्वर धाम
गंगरेल बांध के डूबान में समुद्री नजारे के बीच यहां प्राकृतिक सौंदर्य का दीदार किया जा सकता है। मंदिर सहित गंगरेल डूबान के किनारे खूबसूरत नजारे देखने लोग यहां पहुंचते हैं।
गुरुर के ग्राम कर्रेझर के आश्रित ग्राम ओनाकोना का त्रयंबकेश्वर धाम जिले में सबसे सुंदर पर्यटन स्थल के रूप में माना जाता है।
सियादेही
इस मंदिर में जाने से पहले लोग रास्ते में पड़ने वाले रानी माई मंदिर का भी दर्शन करते है। पिकनिक के लिए बेहतर स्थान है।
यहां के झरने और गुफाएं सहित आकर्षक मंदिर देखने के लिए दूर दूर से लोग आते है। हरी भरी वादियों के बीच पहाड़ों में माता का मंदिर है।
बेंदराकोना
अधिकतर पर्यटकों को इस स्थान के बारे में ज्यादा मालूम नहीं है। यह एक अनजान जगह। हालांकि ये स्थान दुर्गम है। तांदुला से एक किमी दूर पर बेंदराकोना है, जो तांदुला का ही एक हिस्सा है।
गंगा मैय्या
यहां राज्य सहित देश के अलग जगहों से भी भक्त माता के दर्शन के लिए आते है। बालोद मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित मंदिर में सैकड़ों श्रद्घालु पहुंचेंगे। यहां कैलाश गुफा, पानी का फाउंटेन, नवरात्रि का मेला आकर्षण का केंद्र है।
गोंदली डेम
तांदुला की तरह ये डेम भी लोगों का ध्यान खिचती है। जिसे देखने के लिए दूर दूर से लोग आते है। ग्राम पंचायत खेरथाडीह के पास 60 साल पुराने गोंदली डेम की सुंदरता भी किसी से छिपी नहीं है।
पिछले साल इस डेम में फीस प्लांट की स्थापना भी की गई है। यहां की हरियाली देखने लायक रहती है।
बालोद जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Balod / बालोद के आस पास घूमने वाली जगह / बालोद पर्यटन
बालोद छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख जिला है। बालोद तांदुला नदी के किनारे स्थित है। बालोद जिले का निर्माण 1 जनवरी 2012 को हुआ था। 1 जनवरी 2012 को इसे जिले का दर्जा हासिल हुआ।
इसके पहले यह दुर्ग जिले का एक भाग हुआ करता था। बालोद जिला पहाड़ों और जंगलों से घिरा हुआ है। आपको यहां देखने के लिए बहुत सारी जगह मिलती है। चलिए जानते हैं बालोद शहर में कौन-कौन सी जगह घूमने लायक है।
तांदुला जलाशय बालोद - Tandula Reservoir Balod
तांदुला बांध बालोद शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह जलाशय बहुत सुंदर है। यहां पर दो जलाशय हैं - एक तांदुला जलाशय एक सूखा जलाशय। दोनों जलाशय बहुत सुंदर है।
दोनों जलाशय एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। यहां पर आपको बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह जलाशय बालोद शहर से 5 किलोमीटर दूर स्थित है।
तांदुला जलाशय तांदुला एवं सूखा नदी पर बने हुए हैं। यह जलाशय 1912 में बनाया गया था। यह मुख्य तौर पर सिंचाई के लिए बनाया गया है।
मगर यह पर्यटन के लिए भी एक मुख्य जगह है। यहां पर बरसात के समय बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं। बरसात के समय यहां पर हरियाली रहती है।
यह जलाशय मुख्य रूप से दुर्ग जिले में पीने के पानी को उपलब्ध कराता है और पानी की कमी को दूर करता है। आप बालोद जिले में घूमने के लिए आते हैं,
तो आप इस जलाशय में भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यह बालोद शहर में घूमने लायक जगह है।
गोंदली जलाशय बालोद - Gondli Reservoir Balod
गोंदली जलाशय बालोद शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह जलाशय भी बहुत सुंदर है। यह जलाशय पहाड़ियों से घिरा हुआ है।
यह जलाशय मुख्य रूप से सिंचाई के लिए बनाया गया है। यहां पर आकर घूम सकते हैं। बरसात के समय यहां पर आना बहुत ही अच्छा लगता है, क्योंकि चारों तरफ हरियाली रहती है।
चितवा डोंगरी गुफा बालोद - Chitwa Dongri Cave Balod
चितवा डोंगरी बालोद शहर का एक सुंदर स्थल है। यह पर एक मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर गुफा के अंदर बनाया हुआ है और यह प्राकृतिक गुफा है।
यह एक सिद्ध क्षेत्र है। यह गुफा पहाड़ी के ऊपर स्थित है। यहां पर पहुंचने के लिए आपको चढ़ाई करनी पड़ती है। यह जगह बालोद के सहगांव के पास में स्थित है।
आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां से आपको गोंदली जलाशय का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर चारों तरफ हरियाली भी देखने के लिए मिलती है। बरसात के समय यहां पर आना बहुत अच्छा लगता है।
खरखरा बांध बालोद - Kharkhara Dam Balod
खरखरा बांध बालोद शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक सुंदर जलाशय है। यह जलाशय चारों तरफ से जंगलों और ऊंची पहाड़ियों से घिरा हुआ है।
यह बांध मुख्य रूप से सिंचाई के लिए बनाया गया है। यहां पर आप बरसात के समय आएंगे, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा।
बरसात के समय आपको खरखरा जलप्रपात भी देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर है और जब खरखरा बांध का पानी ओवरफ्लो होता है, तो यह जलप्रपात बनता है।
यहां पर आप पिकनिक मनाने आ सकते हैं। खरखरा बांध बालोद जिले के सहगांव में स्थित है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यह बालोद में घूमने लायक जगह है।
देव बावली मंदिर बालोद - Dev Baoli Temple Balod
देव बावली मंदिर बालोद शहर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह जगह प्राकृतिक भी है, क्योंकि यहां पर आपको एक सुंदर झरना देखने के लिए मिलता है।
यह जगह चारों तरफ से जंगल से घिरी हुई है। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। यहां पर आपको मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। मंदिर में बहुत सारे देवी देवताओं देखने के लिए मिलते है।
यहां पर आपको शंकर जी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है और यहां पर आपको छोटा सा जलप्रपात देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर है।
देव बावली खरखरा बांध के पास ही में स्थित है। यह मसुल्कासा गांव में स्थित है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह बालोद शहर में देखने लायक जगह है।
मटियामोती बांध बालोद - Matiamoti Dam Balod
मटियामोती बांध बालोद शहर का एक सुंदर जलाशय है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जलाशय खरखरा बांध से 5 या 6 किलोमीटर दूर है।
यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर बहुत शांति है। आप शाम के समय आते हैं, तो आपको सूर्यास्त का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिल जाता है।
मंगतू बाबा मंदिर बालोद - Mangtu Baba Mandir Balod
मंगतू बाबा का मंदिर बालोद शहर का एक मुख्य स्थल है। यह बालोद शहर के वन परिक्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर मुड़ीपार गांव में स्थित है। इस मंदिर में आपको बहुत सारे घोड़ों के स्टैचू देखने के लिए मिलते हैं।
यह मंदिर मुख्य रूप से एक आदिवासी की समाधि है, जिनके बारे में कहा जाता है, कि वह बहुत ही प्रसिद्ध व्यक्ति थे और सभी की मदद करते हैं।
उसी प्रकार आज भी लोग यहां पर आकर मनोकामना मांगते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी होती है। यहां पर आपको हनुमान जी की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।
श्री जामड़ी पाटेश्वर धाम बालोद - Shri Jamdi Pateshwar Dham Balod
श्री पाटेश्वर धाम बालोद शहर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको हनुमान जी का एक बहुत बड़ा मंदिर देखने के लिए मिलता है।
यह मंदिर 108 फीट ऊंचा है और लाल पत्थरों से बना हुआ है। यहां पर आपको पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है।
यह जगह बहुत सुंदर है और चारों तरफ से जंगल से घिरी हुई है। यहां पर आप कभी भी घूमने के लिए आ सकते हैं।
श्री पाटेश्वर धाम में आपको बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आपको एक कुंड देखने के लिए मिलता है।
इस कुंड के बीच में गंगा जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस कुंड को स्वर्ग गंगा कुंड कहते हैं। यहां पर शंकर भगवान जी की शिवलिंग विराजमान है।
यहां पर श्री राम, जानकी जी की मूर्ति देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको बहुत सारे सुंदर-सुंदर स्थल देखने के लिए मिल जाते हैं।
यहां पर आकर आप अपना समय में शांति से बिता सकते हैं। यहां पर आप फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।
बोराधी बांध बालोद - Boradhi Dam Balod
बोराधी बांध बालोद जिले के पास स्थित एक सुंदर जगह है। यह बांध बालोद जिले में दल्ली राजहरा के पास स्थित है। यह बांध चारों तरफ से पहाड़ियों और जंगल से घिरा हुआ है।
आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जगह बहुत सुंदर है और यहां पर आकर आप अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं।
यहां पर आप बरसात के समय घूमने आएंगे, तो आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलेगी। यह जगह बहुत सुंदर है।
किल्ले वाली माता का मंदिर बालोद - Kille wali mata ka mandir Balod
| Kille wali mata ka mandir Balod |
किल्ले वाली माता का मंदिर बालोद शहर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल भी है, क्योंकि यहां पर चारों तरफ आप को हरा भरा जंगल और बोराधी डैम का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिल जाता है।
यह मंदिर मां दुर्गा जी को समर्पित है। यहां पर मां काली और दुर्गा जी की प्रतिमाएं विराजमान है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। पहाड़ी तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है।
यहां मंदिर में पहुंचकर आपको चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है और बोराधी डैम का भी आपको दृश्य देखने के लिए मिलता है।
यहां पर आकर आप अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जगह बहुत सुंदर है। किल्ले वाली माता का मंदिर बालोद शहर में दल्ली राजहरा में स्थित है।
दल्ली राजहरा व्यू प्वाइंट बालोद - Dalli Rajhara View Point Balod
दल्ली राजहरा व्यूप्वाइंट बालोद शहर का एक प्रमुख स्थल है। यहां पर आपको एक सुंदर गार्डन देखने के लिए मिलता है और महाभारत का एक सुंदर दृश्य आपको यहां पर देखने के लिए मिलता है।
यहां पर रथ में सवार आपको भीष्म पितामह देखने के लिए मिलते हैं। यहां से आपको बहुत सुंदर सूर्यास्त का दृश्य भी देखने के लिए मिल जाएगा। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।
सियादेवी मंदिर बालोद - Siyadevi Temple Balod
| Siyadevi Temple Balod |
सियादेवी मंदिर बालोद शहर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर माता सीता जी को समर्पित है। कहा जाता है, कि प्राचीन समय में राम जी वनवास काल के दौरान यहां पर आए थे।
यहां पर आपको प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर माता सीता जी की बहुत सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।
यहां पर आपको शंकर जी, माता पार्वती जी और गणेश जी के भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर और भी बहुत सारे देवी देवताओं की प्रतिमाएं विराजमान है।
सियादेवी मंदिर प्रकृति के बीच में स्थित है। यहां पर चारों तरफ प्राकृतिक वातावरण है। यह जगह चारों तरफ से जंगल से घिरी हुई है।
आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि बरसात के समय यहां पर हरियाली रहती है और झरना भी रहता है।
यहां पर आपको एक छोटा सा झरना देखने के लिए मिलेगा। इस झरने में आप नहाने का भी मजा ले सकते हैं। यहां पर सियादेवी जलाशय भी देखने के लिए मिल जाता है, जो बहुत सुंदर है।
आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह बालोद में घूमने लायक जगह है।
जलेश्वर महादेव मंदिर बालोद - Jaleshwar Mahadev Temple Balod
जलेश्वर महादेव मंदिर बालोद शहर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर से भगवान शिव जी को समर्पित है। यहां पर आपको झील के बीच में शिव भगवान जी का एक बहुत बड़ा शिवलिंग देखने के लिए मिलता है।
यह मंदिर मुख्य बालोद शहर में स्थित है। आप बालोद घूमने के लिए आते हैं, तो आप इस मंदिर में शिव भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं।
कपिलेश्वर मंदिर समूह बालोद - Kapileshwar Temple Group Balod
कपिलेश्वर मंदिर समूह बालोद शहर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर प्राचीन है। यह सभी मंदिर पत्थरों से बने हुए हैं। यहां पर आपको 7 मंदिर देखने के लिए मिलते हैं।
यह मंदिर 11वीं से 15 वी शताब्दी के बीच में बने हुए हैं। यह मंदिर नाग वंश के शासकों द्वारा बनाए गए थे। यहां पर आपको गणेश मंदिर, दुर्गा मंदिर, राम जानकी मंदिर, राधे कृष्ण मंदिर, हनुमान मंदिर देखने के लिए मिलेगा।
यहां पर एक बावड़ी भी स्थित है। कपिलेश्वर शिव मंदिर का मुख पूर्व दिशा की ओर है। यह मंदिर एक चबूतरे पर स्थित है और गर्भ ग्रह में शिवलिंग स्थापित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।
गंगा मैया मंदिर बालोद - Ganga Maiya Mandir Balod
गंगा मैया मंदिर बालोद शहर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर गंगा मैया को समर्पित है। मंदिर के गर्भ गृह में गंगा मैया की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। गंगा मैया गहने और आभूषण से सुसज्जित है। यह मंदिर बालोद में झलमला में स्थित है। आप यहां पर नवरात्रि के समय आएंगे, तो यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे भक्तों मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर तरीके से बना हुआ है और बहुत ही अच्छा लगता है। यह मंदिर मुख्य सड़क में स्थित है। आप यहां पर आकर मां के दर्शन कर सकते हैं।
श्री गोरैया धाम बालोद - Shree Goraiah Dham Balod
श्री गौरैया धाम बालोद शहर के पास स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बालोद शहर के पास तंदूला नदी के किनारे बना हुआ है। यह चौरेल गांव में स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारी प्राचीन मूर्तियों के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको प्राचीन शिवलिंग के दर्शन करने के लिए भी मिलते हैं। यहां पर राम जानकी मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर एक कुंड आपको देखने के लिए मिल जाता है। यहां प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा के अवसर पर भव्य मेला लगता है, जहां पर छत्तीसगढ़ के आसपास से बहुत सारे लोग और साधु संत घूमने के लिए आते हैं। यहां पर आपको तंदूला नदी का सुंदर दृश्य भी देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।
भोला पठार बालोद - Bhola pathar balod
भोला पठार बालोद जिले का एक प्रसिद्ध स्थल है। यह एक धार्मिक स्थल है। भोला पठार को छत्तीसगढ़ का कैलाश पर्वत के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है, कि शंकर भगवान ने यहां पर आकर तपस्या की थी। इसलिए इस जगह की मान्यता बहुत है और इस जगह पर बहुत सारे लोग भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं। भोला पठार बालोद जिले में करहीभद्र नाम के गांव में स्थित है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यह जगह ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर चारों तरफ जंगल का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।
भोला पठार पर आपको शिव भगवान जी की मूर्ति के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप हनुमान जी, दुर्गा जी, काली जी, भैरव जी, राम और लक्ष्मण जी और भीम के पैर के पदचिन्ह के भी दर्शन कर सकते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है और मंदिर तक जाने के लिए आपको यहां पर सीढ़ियां मिल जाती है। यहां पर बरसात में आना बहुत ही अच्छा लगता है। यह बालोद शहर से 18 किलोमीटर दूर है। यहां पर महाशिवरात्रि के समय मेला भरता है। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है और आप यहां पर आकर बहुत अच्छा अनुभव कर सकते हैं।
बालोद जिले के प्रमुख आकर्षण स्थल एवं पिकनिक स्थल - Major attractions and picnic spots of Balod district
बरही बांध बालोद
दल्ली माइन बालोद
राजहरा बांध बालोद
हाकड़ीपाठ मंदिर बालोद
गरिया देव मंदिर बालोद
रानी माई मंदिर बालोद
रजही जलाशय बालोद
अमृत कुंड बालोद


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